जाकिर अली 'रजनीश' द्वारा सम्पादित पुस्तकें

Zakir Ali Rajnish Dwara Sampadit Pustaken
जाकिर अली 'रजनीश' बाल साहित्य लेखन के साथ ही सम्पादन में भी दखल रखते हैं। उन्होंने बाल साहित्य की चार प्रमुख विधाओं, यथा कहानी, कविता, नाटक और उपन्यास के स्तरीय संग्रहों का सम्पादन किया है। और वे (वर्तमान तक) ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले हिन्दी बाल साहित्य के इकलौते लेखक हैं। इसके साथ ही उन्होंने बाल कहानी के चार सशक्त हस्ताक्षरों पर केंद्रित संग्रहों का भी सम्पादन किया है। उनके द्वारा सम्पादित पुस्तकों का विवरण निम्नानुसार है:

21vin Sadi Ki Bal Kahaniyan
1. इक्कीसवीं सदी की बाल कहानियाँ

'इक्कीसवीं सदी की बाल कहानियाँ' बाल साहित्यकार ज़ाकिर अली 'रजनीश' द्वारा संपादित हिंदी का सबसे वृहद और प्रतिनिधि बाल कहानी संकलन है। वर्ष 1998 में प्रकाशित इस संग्रह में देश के महत्वपूर्ण बालसाहित्यकारों की 107 बाल कथाएं संग्रहीत हैं। दो खण्डों में प्रकाशित इस संग्रह में संकलित रचनाओं का विवरण इस प्रकार है:

खण्ड-एक में संकलित बाल कहानियां

01- रसगुल्ला - उषा यादव
02- रुनू रूठी है - डॉ० श्रीप्रसाद
03- बेबी माने अप्पी - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
04- मिला गई खुशियाँ - ऊषा रानी
05- नन्हीं का बटुआ - ओमप्रकाश कश्यप
06- किराए का मकान - मो० अरशद खान
07- बादलों की चादर - प्रतिमा कटियार
08- भूत से टक्कर - डॉ० रोहिताश्व अस्थाना
09- सर्दी: दस डिग्री ऊपर दस डिग्री नीचे - अनंत कुशवाहा
10- मम्मी - समीरा स्वर्णकार
11- जीने का हक - सुधीर सक्सेना 'सुधि'
12- मैं चमनलाल हूँ - घनश्याम रंजन
13- हवा से बात - डॉ० रत्नलाल शर्मा
14- लकड़बग्घा - राजनारायण चौधरी
15- सम्मान - उषा सक्सेना
16- हिनू की उड़ान - अमित गुप्ता
17- उजली हंसी की याद - सावित्री परमार
18- गोमती - कल्पनाथ सिंह
19- थोड़ा सा प्यार - बानो सरताज
20- शक्कर आंदोलन - मनोहर वर्मा
21- फटी शर्ट - डॉ0 राष्ट्रबंधु
22- रंगलाल के रंग - जगदीश ज्वलंत
23- भविष्यवाणी - डॉ० हरिकृष्ण देवसरे
24- सिर्फ दो रुपये - डॉ० अनिल त्रिपाठी
25- दीवाली की वह रात - नागेश पांडेय 'संजय'
26- प्यास का धर्म - मालती शर्मा
27- एक पिकनिक ऐसी भी - डॉ० शोभनाथ लाल
28- क्या खोया क्या पाया - भगवती प्रसाद द्विवेदी
29- हाथ की लकीरें - डॉ० फकीरचन्द शुक्ला
30- प्यारी बेटी अक्की - हसन जमाल
31- झूठा दिलासा - हरिवल्लभ बोहरा 'हरि'
32- एक था चुन्नू - रमाशंकर
33- उसकी दिवाली - डॉ० शकुंतला कालरा
34- बब्बू जी की तीर्थयात्रा - ससि बिष्ठ
35- वेलजी के ऊंट - प्रभात गुप्ता
36- पुण्य का गुलमोहर - शकुंतला सिरोठिया
37- शहतूत का पेड़ - मो० साजिद खान
38- मैं अच्छा बनूंगा - विमला रस्तोगी
39- चतुराई काम न आई - श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'
40- मिठाइयाँ - आचार्य विष्णुकांत पांडेय
41- यह गुलिश्तों हमारा - शकुन्तला वर्मा
42- चेहरे के रंग - चित्रेश
43- मन का प्रश्न - डॉ० कृष्णा नागर
44- देवाशीष - रुचि अग्रवाल
45- घर का सुख - गोपाल दास नागर
46- बच्चे अगर चाहें - श्रीकृष्ण कुमार पाठक
47- सफेद शैतान - साबिर हुसैन
48- टल गयी दुर्घटना - हरीश गोयल
49- रोबोट का करिश्मा - डॉ० परशुराम शुक्ल
50- चमत्कारी चंदन - रंजना सक्सेना
51- छोटी सी बात - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
52- वेगा का मानव - अजित कुमार बनर्जी
53- नीली पहाड़ी के पीछे - विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी
54- छुटकारा - राजीव सक्सेना

खण्ड- दो में संकलित बाल कहानियां

1- चीं-चीं, चूं-चूं - ऊषा रानी
2- टी फॉर टीचर - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
3- पेड़ पर स्कूल - क्षमा शर्मा
4- रीना की गेंद - इंदरमन साहू
5- किटी - मोहम्मद फहीम
6- हँसती कली - मेधाविनी मोहन
7- जान बचाओ लोमड़ भाई - मनोहर वर्मा
8- सच होते-होते - मोहम्मद अरशद खान
9- मिर्जा चोया - के० पी० सक्सेना
10- भूगोल पंडित - अक्षय मिश्रा
11- लड़ने का मुद्दा - रामवचन सिंह 'आनन्द'
12- तमाचा - राजेन्द्र अवस्थी
13- बुद्धिमान बंटी - अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'
14- साहसी गड़रिया - जगदीश चन्द्र शर्मा
15- थोड़ी सी अक्ल - अंजू अग्रवाल
16- गांव की शेरनी - सुधीर सक्सेना 'सुधि'
17- शैली का साहस - रमाशंकर
18- साहस के चार दिन - योगेश चन्द्र शर्मा
19- डायरी - उषा यादव
20- पानी भरा गुब्बारा - भैंरूलाल गर्ग
21- पिकनिक - बीना कानोडिया
22- चुड़ैल - कमलेश भट्ट 'कमल'
23- मन का चोर - बुलाकी शर्मा
24- हर कदम परीक्षा - कमल चोपड़ा
25- दुलारी - उषा विमलांशु
26- दादा जी की डायरी - अन्तर्यामी प्रधान
27- नई दोस्ती - संदीप कपूर
28- मुसीबत की घड़ी - राजकुमार जैन 'राजन'
29- पानी वाली लड़की - गोपीचन्द श्रीनागर
30- अधूरा निबन्ध - गफूर 'स्नेही'
31- नानी फिर सपने में आई - कौशलेन्द्र पाण्डेय
32- खेल-खेल में - राजीव 'राज'
33- जेब कतरने से पहले - यादराम 'रसेन्द्र'
34- पुस्तकों की हड़ताल - दिनेश पाठक 'शशि'
35- दोस्ती - विनय कुमार मालवीय
36- नाना जी की याद में - अनुकृति संजय
37- दोस्ती का रिश्ता - अनिल त्रिपाठी
38- बाबू लौट आया - नयन कुमार राठी
39- संकल्प - रामशंकर 'चंचल'
40- सजा किस बात की - हरदर्शन सहगल
41- लकीर का जादू - राधेलाल 'नवचक्र'
42- चौथा बन्दर - डॉ० हूंदराज बलवाड़ी
43- बंसत आने पर - मोनी शंकर
44- दादी का चश्मा - गुडविन मसीह
45- बबीता - सरोजिनी कुलश्रेष्ठ
46- सबसे प्यारा अपना घर - वसुधा शर्मा
47- गुब्बारे वाला - प्रेमचन्द गुप्त 'विशाल'
48- मंजू और मैना - जया 'नर्गिस'
49- पोल खुल गयी - मनोरमा श्रीवास्तव
50- आई उड़न तश्तरी - मनीष मोहन गोरे
51- चाकलेट चोर - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
52- टेनू टोनी - साबिर हुसैन
53- सुनहरी तितली - डॉ० अरविन्द मिश्र

'इक्कीसवीं सदी की बाल कहानियां' इस मायने में भी विशिष्ट है कि इसमें पहली बार बाल कहानियों की दशा/दुर्दशा पर खुलकर चर्चा करने का साहस दिखता है। इस चर्चा को संकलन की भूमिका जोकि 'एक ज़रूरी बात' के नाम से प्रकाशित हुई है, में देखा जा सकता है। संकलन की विचारोत्तेजक भूमिका को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

'इक्कीसवीं सदी की बाल कहानियां' पुस्तक मदनलाल कानोडिया एंड कंपनी, लखनऊ से वर्ष 2008 में प्रकाशित हुई है। वर्तमान में यह प्रतिष्ठान्न कार्यरत नहीं है, किन्तु इस पुस्तक को निम्न पते से प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद-211003, मोबाइल- 94150 28044, 94152 14878, 93351 55792  

151 Bal Kavitayen
2. एक सौ इक्यावन बाल कविताएं

'151 बाल कविताएं' हिंदी बाल कविताओं का एक प्रतिनिधि संकलन है, जिसे जाकिर अली 'रजनीश' ने संपादित किया है। इस संग्रह में 58 रचनाकारों की 151 चुनिंदा बाल कविताओं को संजोया गया हैं। ये कविताएं कहीं आपको गुदगुदाएंगीं, कहीं आप इन्हें पढ़ते हुए कल्पनालोक में पहुंच जाएंगें, तो कहीं आपमें उत्साह और उमंग की लहरें ठाठें मारने लगेंगी। वर्ष 2003 में प्रकाशित इस संग्रह की चुलबुली और मनमोहिनी कविताओं का क्रम इस प्रकार से है-

'151 बाल कविताएं' में संकलित बाल कविताएं

01. हम सब सुमन एक उपवन के - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
02. कौन सिखाता? - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
03. न आये तो कुट्टी है - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी
04. पास हुए हम - रामवचन सिंह 'आनद'
05. मुनमुन का मन - रामवचन सिंह 'आनन्द'
06. तंग कर दे - रामवचन सिंह 'आनन्द'
07. सौ-सौ बार बधाई - विष्णुकान्त पाण्डेय
08. चूहों का स्कूल - विष्णुकान्त पाण्डेय
09. मोटू की वहादुरी - विष्णुकान्त पाण्डेय
10. दिल्ली का बाजार - चन्द्रपाल सिंह यादव 'मयंक'
11. जाड़े की रात - चन्द्रपाल सिंह यादव 'मयंक'
12. पापा, तंग करता है भैया - एकाश मनु
13. आज सवेरे - प्रकाश मनु
14. ऐसी गरमी आई दैया - प्रकाश मनु
15. गड़बड़ झाला - देवेन्द्र कुमार
16. घड़ी चल रही - देवेन्द्र कुमार
17. नया साल है - देवेन्द्र कुमार
18. सुबह का गीत - रमेश तैलंग
19. बादल गीत - रमेश तैलंग
20. ऐसा क्यूं होता है - रमेश तैलंग
21. एक बात - सूर्य कुमार पाण्डेय
22. चूहा कूदा गंगाजी में - सूर्य कुमार पाण्डेय
23. आँख - सूर्य कुमार पाण्डेय
24. पहेली है - ओमप्रकाश कश्यप
25. बालगीत - ओमप्रकाश कश्यप
26. कितना काम - ओमप्रकाश कश्यप
27. सपना कभी न टूटे - मनोहर वर्मा
28. बुढ़िया दादी आई हैं - मनोहर वर्मा
29. गुड़िया की बारात - मनोहर वर्मा
30. अच्छी बात नहीं है - रमेशचन्द्र पन्त
31. मौसम गर्मी का - रमेशचन्द्र पन्त
32. मिट्टूराम - रमेशचन्द्र पन्त
33. आज न जाए - डा० श्रीप्रसाद
34. बस्ते का बोझ - डा० श्रीप्रसाद
35. ताक धिना - डा० श्रीप्रसाद
36. गीत गाते जाइए - बाबूलाल शर्मा 'प्रेम'
37. फूलों का संसार - बाबूलाल शर्मा 'प्रेम'
38. कविता - दिविक रमेश
39. झटपट खाओ - दिविक रमेश
40. आँखों में भर लाना - दिविक रमेश
41. रेल के डिब्बे में - मो० अरशद खान
42. नानी का गाँव - मो० अरशद खान
43. पाती मुझको लिखना - मो० अरशद खान
44. हम धरती के फूल - कृष्ण शलभ
45. होमवर्क का भूत - कृष्ण शलभ
46. खोल दिया स्कूल - कृष्ण शलभ
47. संध्या - सौरभ शर्मा 'निर्भय'
48. रे चन्दा रे - सौरभ शर्मा 'निर्भय'
49. आओ बादल बाबू - सौरभ शर्मा 'निर्भय'
50. अकल की खोज - डा० राष्ट्रबन्धु
51. कठौती में गंगा - डा० राष्ट्रबन्धु
52. मुरली कौन सुनेगा - शकुन्तला सिरोठिया
53. बरसा पानी - शकुन्तला सिरोठिया
54. हम भी काश मदारी होते - डा० सुरेन्द्र 'विक्रम'
55. मन करता है - डा० सुरेन्द्र 'विक्रम'
56. ढिंग्चक-ढिंग्चक पानी बरसा - जगदीश चन्द्र शर्मा
57. कितना रस है - जगदीश चन्द्र शर्मा
58. जंगल में चुनाव - नारायण लाल परमार
59. एक यही तो सुख है - नारायण लाल परमार
60. प्यार सभी का वे पाते - बाल कृष्ण गर्ग
61. बोलो तितली - बाल कृष्ण गर्ग
62. गड़बड़झाला - बाल कृष्ण गर्ग
63. आटे-बाटे - अजय जनमेजय
64. ताक धिना धिन - अजय जनमेजय
65. नानी जी का घर - अजय जनमेजय
66. बड़े सवेरे - घमण्डीलाल अग्रवाल
67. छी-छी-छी - घमण्डीलाल अग्रवाल
68. वोट उसी को देंगे - घमण्डीलाल अग्रवाल
69. क्या अच्छा लगता है - मो० साजिद खान
70. नहीं आऊंगी - मो० साजिद खान
71. कहाँ बंधेगा टॉमी - मो० साजिद खान
72. गुस्सा हैं हम - उषा यादव
73. रात हो गयी - उषा यादव
74. खर्राटे - डा० प्रसाद 'निष्काम'
75. बात करो मत 'चोर' की - डा० प्रसाद 'निष्काम'
76. रोबोट एक मंगा लो - डा० गणेशदत्त सारस्वत
77. होने आई शाम है - डा० गणेशदत्त सारस्वत
78. मम्मी को समझाओ - डा० गणेशदत्त सारस्वत
79. अगर चाँदनी लाती रोटी - राजनारायण चौधरी
80. जगमग दीप जलाता चल - राजनारायण चौधरी
81. झूमें नाचें गायें हम - राजनारायण चौधरी
82. भागे लेकर बल्ला - रामानुज त्रिपाठी
83. पेट ढोल सा जाए फूट - रामानुज त्रिपाठी
84. हाथी दादा - रामानुज त्रिपाठी
85. टीचर पीछे बच्चे आगे - डा० शकुन्तला कालरा
86. पुरस्कार - डा० शकुन्तला कालरा
87. बरसो मुसलाधार - अनुराधा विमल
88. आए मौज मनाने के दिन - अनुराधा विमल
89. होश उड़े चंदा के - अनुराधा विमल
90. पर्यावरण प्रदूषण - अनन्त प्रसाद 'रामभरोसे'
91. हाथ जोड़कर विनती करते - अनन्त प्रसाद 'रामभरोसे'
92. पढ़ो-पढ़ो कुछ - मुख्तार अहमद अंसारी
93. बापू तुम आ जाओ न - मुख्तार अहमद अंसारी
94. गा रहा हिमालय - योगेन्द्र सिंह भाटी 'योगी'
95. चलते रहो निरन्तर - योगेन्द्र सिंह भाटी 'योगी'
96. मुन्ना पापा होता - परशुराम शुक्ल
97. सीखा हमने - परशुराम शुक्ल
98. जीवन लक्ष्य - परशुराम शुक्ल
99. वीर सिपाही - बालकवि 'हंस'
100. बिल्ली सरकार - बालकवि 'हंस'
101. रेनी डे भई रेनी डे - यश मालवीय
102. हमारी नानी जी - यश मालवीय
103. निंदिया आयी - यश मालवीय
104. क्यों हो रुठे जी - मो० फहीम
105. मेरे मन की बात - मो० फहीम
106. सुन लो चंदा मामा - मो० फहीम
107. जोकर जी - भगवती प्रसाद द्विवेदी
108. सुबह शहर की - भगवती प्रसाद द्विवेदी
109. हॉकर - भगवती प्रसाद द्विवेदी
110. आलो-बालो - भालचन्द्र सेठिया
111. हम तो हैं बेहद हैरान - भालचन्द्र सेठिया
112. तपता सूरज ठण्डा नीम - सीताराम गुप्त
113. रंग नए वर्ष के - सीताराम गुप्त
114. वह बसन्त लाएं - सीताराम गुप्त
115. अपने जैसा लगता है - प्रतीक मिश्र
116. ससुराल बता दो - प्रतीक मिश्र
117. गोल गपाड़ा - प्रतीक मिश्र
118. तब-तब ऐसा होता है - इन्दिरा गौड़
119. सूरज भाई - इन्दिरा गौड़
120. चीं-चीं चूं-चूं - डा० जगदीश व्योम
121. बच्चे का मन - डा० जगदीश व्योम
122. दूर हुए हम - डा० जगदीश व्योम
123. मक्खन मिला - नागेश पाण्डेय 'संजय'
124. पानी मत बरसाने लगना - नागेश पाण्डेय 'संजय'
125. कालू नेता - नागेश पाण्डेय 'संजय'
126. इम्तहान हो गये खत्म - इन्दिरा परमार
127. समय के साथ - इन्दिरा परमार
128. नैनीताल चलो - इन्दिरा परमार
129. चंदा पर बस्ती - डा० रोहिताश्व अस्थाना
130. अगर कहीं - डा० रोहिताश्व अस्थाना
131. मिलकर मौज मनाते - डा० रोहिताश्व अस्थाना
132. गरमी के नीरस दिन - श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'
133. नये वर्ष का संकल्प - श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'
134. क्या क्या लोगे - देवेंद्र शर्मा 'डनलप'
135. मिस्टर भालू - देवेंद्र शर्मा 'डनलप'
136. हाथी भागा - देवेंद्र शर्मा 'डनलप'
137. शिक्षक - अंशु शुक्ला
138. डाकिया - अंशु शुक्ला
139. बसन्त की धूप - डा० चक्रधर नलिन
140. कामना - डा० चक्रधर नलिन
141. जगमग दीप जलें - डा० श्यामलाकान्त वर्मा
142. झांकी देश की - डा० श्यामलाकान्त वर्मा
143. दादा जी - राजा चौरसिया
144. बड़ी बात है - राजा चौरसिया
145. तुम्हें बधाई - कमलेश द्विवेदी
146. मैं पापा बन जाऊं - कमलेश द्विवेदी
147. मौसम - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
148. जरा सा प्यार - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
149. चुपके से बतलाना - ज़ाकिर अली 'रजनीश'
150. छुट्टी के दिन - प्रमोद दीक्षित 'मलय'
151. कली-फूल महकाये किसने - प्रमोद दीक्षित 'मलय'

'151 बाल कविताएं' पुस्तक के प्रकाशक मदनलाल कानोडिया एंड कंपनी, लखनऊ वर्तमान में सक्रिय नहीं है। इसलिए पुस्तक को इस माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश-211003, मोबाइल- 9415028044, 9415214878, 9335155792

30 Bal Natak
3. तीस बाल नाटक

बाल साहित्य में नाटक वह विधा है, जिसके बारे में सबसे ज्यादा अज्ञानता पसरी हुई है। नाटक लिखना कहानी अथवा निबंध लिखने के समान आसान नहीं होता है। उसकी सार्थकता 'लिखने' में नहीं 'मंचन' में है। यह एक तकनीकी विधा है। यदि आपको नाटक की तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी नहीं है, तो नाटक कब नौटंकी में परिवर्तित हो जाएगा, इसका पता ही नहीं चलेगा। यही कारण है कि पत्रिकाओं अथवा पुस्तक रूप में प्रकाशित होने वाले ज्यादातर एकांकी या बाल नाटक बेहद हास्यास्पद होते हैं। इस बात को 'तीस बाल नाटक' संग्रह की भूमिका में भी रेखांकित किया गया है, जिसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

यश पब्लिकेशंस, 413/414, श्रेयांश कालोनी, गोरेगांव ईस्ट, मुम्बई से वर्ष 2005 में प्रकाशित 'तीस बाल नाटक' पुस्तक में जिन नाटकों को संकलित किया गया है, उनका विवरण इस प्रकार से है:

'तीस बाल नाटक' पुस्तक में संकलित बाल नाटक

01. पानी आ गया - विष्णु प्रभाकर
02. हिरण्यकश्यप मर्डर केस - श्रीकृष्ण
03. नन्हा सिपाही - मनोहर वर्मा
04. हम तो हुए टीचर - ज़ाकिर अली रजनीश
05. आदमी की खोज - भगवती प्रसाद द्विवेदी
06. अपने-अपने छक्के - के.पी. सक्सेना
07. परीक्षा - विनोद रस्तोगी
08. हंगते-गाते चेहरे - उषा सक्सेना
09. सच्चे का बोलबाला - डॉ. बानो सरताज
10. सजा पिताजी को - डॉ. राष्ट्रबंधु
11. कोट और मैडल - साबिर हुसैन
12. पहलवान की खाट - ऋषि‍मोहन श्रीवास्तव
13. परिवर्तन - डॉ. श्रीप्रसाद
14. तस्वीर के रंग - उषा यादव
15. धूर्ताचार्य का औषधालय - अखि‍लेश श्रीवास्तव चमन
16. बाल प्रतिज्ञा - रोहिताश्व अस्थाना
17. सोने का मकान - राधेलाल नवचक्र
18. चूहे के पेट में चूहे कूदे - नागेश पांडेय संजय
19. दवाखाना - श्याम कुमार दास
20. होली के अरसे - इन्दरमन साहू
21. कंचा जीत - प्रेमचंद गुप्त विशाल
22. सूजी का हलवा - डॉ. विद्या श्रीवास्तव
23. अपना हाथ जगन्नाथ - विष्णुकांत पाण्डेय
24. पुरस्कार - हरदर्शन सहगल
25. दांतों की चोरी - नारायण लाल परमार
26. मेरी भी सुनिए - मोहम्मद फहीम
27. हवाई महल - डॉ. परशुराम शुक्ल
28. अरे बाप रे - अंकुश्री
29. बूढ़े शेर का न्याय - रमाशंकर
30. जंगल में कवि सम्मेलन - सूर्य कुमार पाण्डेय

'तीस बाल नाटक' पुस्तक को निम्न पते से प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद-211003, मोबाइल- 9415028044, 9415214878, 9335155792

 

11 Bal Upanyas
4. 'ग्यारह बाल उपन्यास'

'11 बाल उपन्यास' हिन्दी बाल उपन्यासों का एक प्रतिनिधि संकलन है, जिसमें आधुनिक समय के 11 महत्वपूर्ण लेखकों के बाल उपन्यासों को संकलित किया गया है। यह पुस्तक दो खण्डों में है और इसके प्रथम संस्करण का प्रकाशन वर्ष 2006 है। पहले खण्ड में 5 बाल उपन्यास तथा दूसरे खण्ड में 6 बाल उपन्यास संकलित हैं। पुस्तक '11 बाल उपन्यास' के दोनों खण्डों में संकलित बाल उपन्यासों का विवरण इस प्रकार हैः

11 बाल उपन्यास - प्रथम खण्ड

अंतू की आत्मकथा - डाॅ. श्रीप्रसाद
हम होंगे कामयाब - जाकिर अली 'रजनीश'
हांकू बाबा - रामनरेश उज्जवल
मिशन इम्पाॅसिबल - रमाशंकर
गांव की तस्वीर - मो0 साजिद खान

11 बाल उपन्यास - द्वितीय खण्ड

लाखों में एक - उषा यादव
सीपियाण्डेला की सैर - शोभनाथ लाल
पापा की खोज - साबिर हुसैन
एक था रमुआ - रोहिताश्व अस्थाना
पीली फाइल - संजीव जायसवाल 'संजय'
बीनू का सपना - अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'

डॉ. जाकिर अली 'रजनीश' द्वारा सम्पादित पुस्तक '11 बाल उपन्यास' में संग्रहीत उपन्यास भिन्न—​भिन्न विषयों पर केंद्रित हैं। इनमें से कुछ सामाजिक बाल उपन्यास हैं, कुछ वैज्ञानिक, कुछ साहसिक, तो इसके साथ ही हास्यपरक उपन्यास को भी संग्रह में शामिल किया गया है। पुस्तक के बारे में और विस्तृत जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

'11 बाल उपन्यास' पुस्तक का प्रकाशन वर्षा प्रकाशन, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद से वर्ष 2006 में हुआ है। इसे निम्न पते से भी प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद-211003, मोबाइल- 9415028044, 9415214878, 9335155792 2850
 
Anant Kushwaha ki Shresht Bal Kathayen

5. अनंत कुशवाहा की श्रेष्ठ बाल कथाएँ

लोकप्रिय बाल पत्रिका 'बालहंस' को पहचान दिलाने में उसके सम्पादक अनंत कुशवाहा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वे एक कुशल सम्पादक के साथ ही चित्रकार, काटूनिस्ट, कवि और कहानीकार भी रहे हैं। 'अनंत कुशवाहा की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' संग्रह में उनकी 19 कहानियों को संकलित किया गया है। संग्रह में संकलित कहानियों का विवरण इस प्रकार है:
 

'अनंत कुशवाहा की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' अनुक्रम

01. लाल पतंग
02. पुष्प बाला
03. बांध के चूहे
04. प्यासा पुल
05. सच्ची का टापू
06. चौथे कुण्ड का पानी
07. उसके आगे क्या है कजरी
08. पहाड़ परी-घाटी परी
09. निरंजन
10. भीगी आंखों का ब्रेक
11. बाजरे की रोटी
12. एक दोपहर
13. मिट्टी के खिलौने
14. ग्यारह अठन्नियां
15. मुर्गी चोर
16. नन्हें नवाब
17. वसूल लूंगा
18. बर्राक गुलुम असलिल्लाह
19. सर्दी: दस डिग्री ऊपर, दस डिग्री नीचे

अनंत कुशवाहा की कहानियां अद्भुत और अतुलनीय हैं। वे मनोविज्ञान के साथ सामाजिक विद्रूपताओं को कहानियों में ढ़ालने वाले विलक्षण रचनाकार हैं। 'अनंत कुशवाहा की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' पुस्तक में उनकी इन कहानियों पर लम्बी विवेचनात्मक भूमिका दी गयी है, जिसे पुस्तक के सम्पादक जाकिर अली 'रजनीश' ने बड़े मनोयोग से लिखा है। उस भूमिका को आप इस लिंक पर क्लिक करके भी पढ़ सकते हैं।

'अनंत कुशवाहा की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' का प्रकाशन लहर प्रकाशन, इलाहाबाद, उ0प्र0 से वर्ष 2008 में हुआ है। पुस्तक को इस पते से भी प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद, उ0प्र0। पिन-211003, मोबाइल- 9415028044, 9415214878, 9335155792

Yadram Rasenda Ki Shreshth Bal Kathayen
6. यादराम रसेंद्र की श्रेष्ठ बाल कथाएँ

यादराम रसेन्द्र उन रचनाकारों में से हैं, जिन्होंने आम जीवन की कठिनाइयों को गहराइयों से समझा ही नहीं उन्हें अपनी रचनाओं में ढ़ाला भी है। सामाजिक स्तर पर सबसे नीचे के पायदान पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा को उन्होंने जिस शिद्दत से अपनी रचनाओं मे व्यक्त किया है, वह अद्भुत है। उनकी प्रतिनिधि बाल कथाओं का सम्पादन जाकिर अली 'रजनीश' के सम्पादन में 'यादराम रसेंद्र की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' के नाम से प्रकाशित हुआ है। यह पुस्तक लहर प्रकाशन, इलाहाबाद से वर्ष 2008 में प्रकाशित हुई है। पुस्तक में संकलित 20 बाल क​हानियों का विवरण इस प्रकार से है:

'यादराम रसेंद्र की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' अनुक्रम

01. अगली बार
02. भूख
03. जेब कतरने से पहले
04. फंदे से बाहर
05. बयान
06. दहकते शोले
07. लाली
08. दो मिनट प्लीज़
09. पहचान
10. आखिरी गुनाह
11. बोझ
12. पुराना टिकट
13. निर्णय
14. बदलती निगाहें
15. एक लंगड़ा मन
16. बहके कदम
17. बीन और बंदूक
18. बोली का घाव
19. लक्ष्मी का भण्डार
20. रूठ मनौव्वल 

यादराम रसेंद्र की कहानियों की दुनिया सबसे निराली है। उन्होंने गरीब, मजबूर और नराश्रित बच्चों को केंद्र में रखकर मार्मिक कहानियों की रचना की है। 'यादराम रसेंद्र की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' पुस्तक में सम्पादक जाकिर अली 'रजनीश' ने उनकी रचनाओं पर लम्बी समीक्षात्मक लिखी है, जो यादराम रसेंद्र की कहानियों को समझने में बेहद मददगार है। भूमिका को पढ़ने के लिए आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं।

'यादराम रसेंद्र की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' पुस्तक को लहर प्रकाशन के साथ-साथ इस पते से भी प्राप्त किया जा सकता है: साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद। पिन-211003, मोबाइल- 94150 28044, 94152 14878, 93351 55792
 
Usha Yaday ki Shreshth Bal Kathayen

7. उषा यादव की श्रेष्ठ बाल कथाएँ

जाकिर अली 'रजनीश' के सम्पादन में प्रकाशित श्रेष्ठ बाल कथाएं श्रृंखला की तीसरी पुस्तक का नाम है 'उषा यादव की श्रेष्ठ बाल कथाएँ'। उषा यादव एक विलक्षण रचनाकार हैं। उन्होंने प्रभूत मात्रा में स्तरीय बाल कथाओं का सृजन किया है। इस संग्रह में उनकी 20 चुनिंदा बाल कहानियों को संजोया गया है। पुस्तक में संकलित बाल कहानियों का विवरण इस प्रकार है:
 

'उषा यादव की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' अनुक्रम

01. रसगुल्ला
02. डायरी
03. खेल-खेल में
04. तस्वीरें
05. खोई हुई दादी
06. सबसे गहरे रंग
07. दीप से दीप जले
08. चॉकलेट का पेड़
09. एक पैसे की कुबुद्धि
10. अनोखा उपहार
11. खट्टी मीठी गोलियां
12. पते की बात
13. कोल्ड ड्रिंक
14. नकली नोट
15. मेहनत से क्या डरना
16. मन की बात
17. ठोकर
18. अधजल गगरी
19. खुश्बू का रहस्य
20. सतरंगा मोती

'उषा यादव की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' पुस्तक की भूमिका में सम्पादक ने विस्तार से कहानियों पर चर्चा की है। 'नई चुनौतियां नए मानदण्ड' शीर्षक से प्रकाशित इस भूमिका में जाकिर अली 'रजनीश' ने उषा यादव के कहानियों के बारे में अपनी बेबाक राय व्यक्त की है। इस विश्लेष्णात्मक समीक्षा को पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

लहर प्रकाशन, इलाहाबाद से वर्ष 2012 में प्रकाशित इस पुस्तक को आप साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद। पिन-211003, मोबाइल- 94150 28044, 94152 14878, 93351 55792 से भी प्राप्त कर सकते हैं।
 
Mohammad Arshad Khan ki Shreshth Bal Kathayen

8. मो0 अरशद खान की श्रेष्ठ बाल कथाएँ

मो0 अरशद खान आधुनिक बाल कहानी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा के द्वारा बाल कहानियों को एक नया आयाम प्रदान किया है। जाकिर अली 'रजनीश' ने अपनी श्रेष्ठ बाल कथाएं श्रृंखला की चौथी पुस्तक 'मोहम्मद अरशद खान की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' में उनकी 19 बाल कहानियों को संजोया है। पुस्तक में संकलित बाल कहानियों के नाम इस प्रकार हैं:
 

'मोहम्मद अरशद खान की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' अनुक्रम

01. किराए का मकान
02. हवा का रंग
03. भूल गई शन्नो
04. मेरा नाम अब्दुल
05. प्रतीक्षा
06. सच होते-होते
07. नाना का घर जादू मंतर
08. लौट आया गिरधर
09. और वह गूंगा हो गया
10. ईंटों का जंगल
11. हजार हाथों वाला
12. जंग जारी है
13. बवंडर
14. दादी की बीमारी
15. पानी-पानी रे
16. सुल्तान
17. जन्नत
18. धुंधला आसमान
19. गुल्लक

मो0 अरशद खान की बाल कहानियां अपनी मार्मिकता और प्रभावोत्पादकता के कारण याद की जाती हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को मंत्रमुग्ध सी कर देती हैं। 'मोहम्मद अरशद खान की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' की भूमिका में अरशद खान की कहानियों के इन विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी है। 'नई पीढ़ी का सजग प्रहरी' शीर्षक इस लम्बी समीक्षात्मक भूमिका को पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

'मोहम्मद अरशद खान की श्रेष्ठ बाल कथाएँ' पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 2012 में लहर प्रकाशन, इलाहाबाद द्वारा किया गया है। इसे प्राप्त करने के लिए आप लहर प्रकाशन के मुख्य प्रतिष्ठान्न साहित्‍य भंडार, 50, चाहचंद, जीरो रोड, इलाहाबाद। पिन-211003, मोबाइल- 94150 28044, 94152 14878, 93351 55792 से भी सम्पर्क कर सकते हैं।

Pratinidhi Bal Vigyan Kathayen
9. प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएं

डॉ0 जाकिर अली 'रजनीश' द्वारा संपादित पुस्तक 'प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएं' हिंदी बाल विज्ञान कथाओं का एक प्रतिनिधि संकलन है। इस संग्रह में हिन्दी के प्रतिष्ठित रचनाकारों की 31 चुनिंदा बाल विज्ञान कथाएं संग्रहीत हैं। संग्रह में संकलित विज्ञान कथाएं इस प्रकार हैं:
 

'प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएं' पुस्तक में संकलित रचनाएं

01. रोबो मेरा यार - डॉ. अरविंद मिश्र
02. चाकलेट का पेड़ - उषा यादव
03. यह मैं हूं - मनोहर वर्मा
04. रूबी का रोबोट - ज़ाकिर अली 'रजनीश
05. आज और कल - प्रभात गुप्त
06. नीली पहाड़ी के पीछे - विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी
07. नज़रों से दूर  - साजिद खान
08. देवलोक के रहस्य - डा. राजीव रंजन उपाध्याय
09. डॉ. के0 के0 के0 - श्रीप्रसाद
10. अगर सच होता - रमाशंकर
11. प्लैनेट एक्स - शकुंतला वर्मा
12. वेगा का मानव - अजित कुमार बनर्जी
13. बड़प्पन की मशीन - हुंदराज बलवाणी
14. तोते का आईक्यू - हरदर्शन सहगल
15. बूम्बा जूम्बा - मोहम्मद फहीम
16. रोबोट का कमाल - संजीव जायसवाल संजय
17. चमत्कारी चंदन - रंजना सक्सेना
18. उड़नतश्तरी - नागेश पांडेय 'संजय'
19. ग्रेट साइंटिस्ट - जीशान ज़ैदी
20. अनोखी अदालत - रमेश सोमवंशी
21.  क्रिस्टल सेवल - नाहिद फरजाना
22. छोटा सा प्रयोग - राधेलाल नवचक्र
23. आखिर कब तक? - स्पप्निल भारतीय
24. शैनटो का रोबो - साबिर हुसैन
25. इकोलॉजिकल बैलेंस - दीपक कुमार 'मनीष'
26. हरे मानव - हरीश गोयल
27. चमत्कार का रहस्य - शकुंतला कालरा
28. कहीं ऐसा न हो - मो0 अरशद खान
29. छुटकारा - राजीव सक्सेना
30. आई उड़नतश्तरी - मनीष मोहन गोरे
31. रोबोट का करिश्मा - परशुराम शुक्ल
 
सम्पादक ने 'प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएं' पुस्तक की भूमिका में विज्ञान कथा के संक्षिप्त परिचय के साथ कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए हैं। उसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक किया जा सकता है।

'प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएं' पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 2003 में विद्यार्थी प्रकाशन, लखनऊ ने किया है। इसे इस पते से प्राप्त किया जा सकता है: विद्यार्थी प्रकाशन, मुरारीलाल ट्रस्‍ट पाठशाला बिल्डिंग, अमीनाबाद, लखनऊ-226018, मोबाइल-9415004212

Samkalin Bal Vigyan Kathayen
10. समकालीन बाल विज्ञान कथाएं

पं​0 जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, जयपुर एवं ग्रंथ विकास, जयपुर द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित 'समकालीन बाल विज्ञान कथाएं' वर्तमान तक प्रकाशित हिन्दी का सबसे वृहद बाल विज्ञान कथा संग्रह है, जिसमें 45 रचनाकारों की इतनी ही विज्ञान कथाएं संकलित हैं। इस पुस्तक का सम्पादन लोकप्रिय विज्ञान कथाकार डॉ. जाकिर अली 'रजनीश' ने किया है। पुस्तक में संकलित विज्ञान कथाओं का विवरण इस प्रकार है:

'समकालीन बाल विज्ञान कथाएं' अनुक्रम

01. सुनहरी तितली - डॉ. अरविंद मिश्र
02. एलियंस से मुठभेड़ - प्रज्ञा गौतम
03. चिन्नी चली गई - देवेंद्र मेवाड़ी
04. मुंहनोचवा - प्रो. उषा यादव
05. पेरी ज़ेड सिग्मा 090 - डॉ. जाकिर अली 'रजनीश'
06. स्थानापन्न - अखिलेश शर्मा
07. रहस्यमयी पेनड्राइव - पंकज चुतर्वेदी
08. ऑपरेशन मार्स - अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'
09. लू लू का आविष्कार - दिविक रमेश
10. जेम्स की अंतरिक्ष यात्रा - डॉ. मोहम्मद अरशद खान
11. प्रसन्न यंत्र - अर्शिया अली
12. बैलों वाली कार - डॉ. अरविंद दुबे
13. भूतों से सामना - दिनेश प्रताप सिंह 'चित्रेश'
14. नन्हां आइंस्टाइन - राजीव सक्सेना
15. बेबी रोबो - बसंती पवार
16. करामाती पत्थर - भगवती प्रसाद द्विवेदी
17. युगान्तर - बुशरा अलवेरा
18. रोबोट की दुनिया - अलका प्रमोद
19. चारूप्रिया का चमत्कार - नीलम राकेश
20. एनिमलेरियम की सैर - आइवर यूशिएल
21. एक सुपर वैज्ञानिक - कामना सिंह
22. मास्करोबोट - मनोहर चमोली 'मनु'
23. ऑपरेशन वाइरस - कल्पना कुलश्रेष्ठ
24. रोबू मेरा दोस्त - गोविंद शर्मा
25. सूर्यलोक की सैर - कृष्ण सुकुमार
26. कालू कहां गया - कुसुम रानी नैथानी
27. सपनों वाली भोर सुहानी - लता अग्रवाल
28. आई उड़नतश्तरी - मनीष मोहन गोरे
29. होमवर्क मशीन - परमजीत कौर 'रीत'
30. चंद्रिका का चंद्रमा - नागेश सू. शेवालकर
31. अदृश्य भूत - संजीव जायसवाल 'संजय'
32. सूरज की सैर - ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'
33. भैरवी मंदिर - विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी
34. चमत्कारी पत्थर - विमला भण्डारी
35. रोबोट का करिश्मा - डॉ. परशुराम शुक्ल
36. अंतरिक्षयान का अपहरण - रमाशंकर
37. अतीत की आवाजें - मो0 साजिद खान
38. कांच का आदमी - समीर गांगुली
39. प्रेत बाधा - विजय चितौरी
40. डॉ. दारैन की सनक - जीशान हैदर जैदी
41. कभी तो लौटेगा मेरा दोस्त - शुकदेव प्रसाद
42. प्रयोग सफल रहा - सुमन बाजपेयी
43. शुक्र ग्रह का गांव - शिखर चंद जैन
44. टेलीपोर्ट यंत्र - हरीश गोयल
45. लौह मानव - विमला रस्तोगी

'समकालीन बाल विज्ञान कथाएं' पुस्तक में विज्ञान कथाओं के स्वरूप और स्थितियों पर सम्पादक ने विस्तार से चर्चा की है। उनकी यह टिप्पणी पुस्तक में 'विज्ञान कथाओं की रोमांचक दुनिया' के नाम से संकलित है। विज्ञान कथाकारों एवं विज्ञान कथा प्रेमियों के लिए यह विस्तृत भूमिका समान रूप से उपयोगी है। इस पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

'समकालीन बाल विज्ञान कथाएं' पुस्तक का प्रकाशन वर्ष 2023 में हुआ है। इसे प्राप्त करने के लिए इस पते पर सम्पर्क किया जा सकता है: ग्रंथ विकास, सी-37, बर्फखाना, राजापार्क, जयपुर फोन- 0141-4032382, 9468943311 

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